Tuesday, June 26, 2018

Monsoon

फिर आज पड़ी बारिश की पहली फुहांर ,
मौसम मचलने लगा ,
यार आया याद ,
सोच जिसे दिल बहल उठा ,
भीगी बरसात में जहां भीड़ बच रही थी ,
यार मेरा आसमा से पेंचे लड़ा रहा था ,
भीगता था यार खुले आसमा को रख परे ,
जुल्मी जहर दुनिया में इंसानो से भरे ,
देखी हुई उन नादानियों को महसूस मैंने अब किया ,
यार था या प्यार था  वो जो मानसून में भीग गया !!!!!
Monsoon

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