Monday, June 25, 2018

iLLaahi


ये कहानी है ऐसे सख्स  की जो अपनों से हरा हुआ है ,
नमाजी हुआ था दिल किसी रूह के इंतज़ार मे ,
लेकिन अपनों से हरा हुआ है ,
किये काम नामुमकिन उसने अपनी इस कहानी मे,
कहानी किरदार बदलती है लफ़्ज़ों की जुबानी मे ,
लफ्ज़ थे गहरे करते थे मजबूर सोचने मे ,
की मैं हार रहा अपनों से खुद की कहानी मे !!!!
Karwan by harish
Karwan By Harish

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