Arman Soul
“The freelance writer is a man who is paid per piece or per word or perhaps.”
Friday, June 29, 2018
Tuesday, June 26, 2018
Monsoon
फिर आज पड़ी बारिश की पहली फुहांर ,
मौसम मचलने लगा ,
यार आया याद ,
सोच जिसे दिल बहल उठा ,
भीगी बरसात में जहां भीड़ बच रही थी ,
यार मेरा आसमा से पेंचे लड़ा रहा था ,
भीगता था यार खुले आसमा को रख परे ,
जुल्मी जहर दुनिया में इंसानो से भरे ,
देखी हुई उन नादानियों को महसूस मैंने अब किया ,
यार था या प्यार था वो जो मानसून में भीग गया !!!!!
मौसम मचलने लगा ,
यार आया याद ,
सोच जिसे दिल बहल उठा ,
भीगी बरसात में जहां भीड़ बच रही थी ,
यार मेरा आसमा से पेंचे लड़ा रहा था ,
भीगता था यार खुले आसमा को रख परे ,
जुल्मी जहर दुनिया में इंसानो से भरे ,
देखी हुई उन नादानियों को महसूस मैंने अब किया ,
यार था या प्यार था वो जो मानसून में भीग गया !!!!!
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| Monsoon |
Monday, June 25, 2018
iLLaahi
ये कहानी है ऐसे सख्स की जो अपनों से हरा हुआ है ,
नमाजी हुआ था दिल किसी रूह के इंतज़ार मे ,
लेकिन अपनों से हरा हुआ है ,
किये काम नामुमकिन उसने अपनी इस कहानी मे,
कहानी किरदार बदलती है लफ़्ज़ों की जुबानी मे ,
लफ्ज़ थे गहरे करते थे मजबूर सोचने मे ,
की मैं हार रहा अपनों से खुद की कहानी मे !!!!
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| Karwan By Harish |
Sunday, June 24, 2018
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Karwan By Harish
Tum Galat nhi !!!
दिए जो जखम हैं तूने , तो जी लेते हैं हम , दर्द से अच्छा कोई , मरहम नहीं मेरा , थोड़ा रो देते है हम , थोड़ा पी लेते है हम , तेरे बिना जी...
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Karwan By Harish है साया तेरे इश्क़ का , धुंधला सा गया उसके आने से , था इश्क़ का समुन्द्र , जैसे हो गया अब मछली बिन पानी के !
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ये कहानी है ऐसे सख्स की जो अपनों से हरा हुआ है , नमाजी हुआ था दिल किसी रूह के इंतज़ार मे , लेकिन अपनों से हरा हुआ है , किये काम नामुमकि...
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फिर आज पड़ी बारिश की पहली फुहांर , मौसम मचलने लगा , यार आया याद , सोच जिसे दिल बहल उठा , भीगी बरसात में जहां भीड़ बच रही थी , यार मेरा आ...


